
जीवन एक संघर्ष है ,
बचपन बीते ,
जवानी बीते ,
न बीते दौर संघर्ष का ,
एक न एक दिन तो होना ही है ,
अंत हर एक का ,
मगर होता नहीं अंत ,
संघर्ष के खेल का ,
जीवन पथ में आए -
संघर्षों से
शेरनी थकी है ,
हारी नहीं ,
बचपन जाए - जवानी बीते,
भले ही उम्र कट जाए ,
संघर्ष के इस लुका - छिपी के खेल में ,
मुझे अंत तक डटे रहना है ,
क्योंकि -
जीवन का सत्य
व दूसरा नाम ही
संघर्ष है .
मेरे ब्लॉगर साथियों मैं कविता के क्षेत्र में अनाडी़ हूं , मगर कुछ समय पहले मैंने ये चंद लाइनें लिखीं और अलमीरा के किसी कोने में रख दी । आज कुछ तलाशते वक्त मेरे हाथ ये लाइनें लग गई और मैंने इन्हें अपने ब्लॉग पर देकर आप लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की है । अब पता नहीं आप लोगों को ये लाइनें पसंद आएंगी या नहीं ? खैर जो भी हो आप मुझे अपने विचारों से अवश्य अवगत कराएं । मेरी गलतियों को सुधारने का कष्ट करें तथा गलतियों के लिए क्षमा करें ।
4 comments:
आपमें अभिव्यक्ति क्षमता तथा शब्द सामर्थ्य है. कवितायेँ लिखती रहें तो कलम मंज जायेगी. प्रथम कविता लेखन हेतु शुभकामनायें
हौसला आफजाई के लिए दिव्य नर्मदा का धन्यवाद करती हूं .
कविता सार्थक लगी। लेखन के लिये बधाई। शुभकामनाएं।
संघर्ष में बना रहे हर्ष
तो कविता बनेगी उत्कर्ष
करते रहिएगा विमर्श
कविता लिखी जाएगी उत्कृष्ट।
Post a Comment