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Monday, July 11, 2011

अच्छे इंसान के अन्दर होता है ''एक बुरा आदमी'


 निर्देशक इशराक शाह की पहली ही फ़िल्म है ''एक बुरा आदमी', वैसे तो उन्होंने लेखक निर्देशक गुलज़ार के साथ बतौर सहायक काम किया है, लेकिन स्वतंत्र  निर्देशक के रूप में यह उनकी पहली फ़िल्म है. पोलिटिकल थ्रिलर पर ही फ़िल्म बनाने का क्यों सोचा? पूछने पर उन्होंने कहा कि, ''क्योंकि सारे देश में यही हो रहा है, हर कोई चाहता है कि वो राजनीति में आये जिससे उसकी पावर बढ़े''.
 उदयपुर में फ़िल्म शूट करने के बारें में क्यों सोचा? क्या कोई विशेष वजह?  इशराक ने कहा,''क्योंकि मैं खुद राजस्थान का हूँ तो मैं चाहता था यहाँ अपनी पहली फ़िल्म की शूटिंग जरुर करूं और वैसे भी राजस्थान में जहाँ भी नजर जाती है ख़ूबसूरती ही दिखाई देती है.''
फ़िल्म का नाम ''एक बुरा आदमी'' रखने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि, ''फ़िल्म में हमने दिखाया है कि हर अच्छे इंसान के अन्दर एक बुरा आदमी  भी छिपा होता है, फ़िल्म की कहानी के मुताबिक मुझे यह नाम ही सही लगा.'' 
अरुणोदय सिंह के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि, ''जैसा मैंने सोचा था उससे भी अच्छा काम किया है उन्होंने, जब दर्शक देखेंगे इस फ़िल्म में उनके अभिनय को तब उन्हें पता चलेगा कि जो  मैं कह रहा हूँ वो बिल्कुल ही सही है. अरुणोदय के अलावा रघुबीर यादव, किट्टू गिडवानी व यशपाल शर्मा का काम भी अच्छा है.''  
किट्टू गिडवानी का गेटअप और बोलने का अंदाज बिल्कुल मायावती जी जैसा ही आपने दिखाया है क्यों? पूरा नही लेकिन कुछ - कुछ उनके जैसा चरित्र आप कह सकते हैं, मुझे एक महिला  राजनीतिज्ञ का चरित्र दिखाना था अपनी फ़िल्म में. मुझे लगा कि उनके जैसा दिखाना ही सबसे ज्यादा अच्छा है.''       

1 comment:

राकेश कौशिक said...

हर अच्छे इंसान के अन्दर एक बुरा आदमी भी छिपा होता है -और बुरे के अन्दर अच्छा - धन्यवाद्